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नक्षत्र परिचय

सत्ताईस नक्षत्रों का स्वामी, देवता एवं स्वरूप — आज के चंद्र नक्षत्र सहित।

तिथि चयनगणना की जा रही है…

स्थान चयन

चयनित नगरवाराणसी
अक्षांश
25.3176° N
देशांतर
82.9739° E
समय क्षेत्र
IST (UTC+5:30)
सूर्योदय
5:48 AM
सूर्यास्त
5:52 PM
आधार सूर्योदय
5:13 AM
आपका सूर्योदय
5:48 AM
समय-अंतर
+35 मिनट

* गणना किया गया मान

आज का च��द्र नक्षत्र

 

शत

शतभिषा

पाद 4 · चंद्र राशि: कुम्भ

स्वामी
राहु
देवता
वरुण
प्रतीक
वृत्त

चिकित्सा, रहस्य एवं उपचार का नक्षत्र।

चार पाद (नवांश राशि):1धनु2मकर3कुम्भ4मीन

चंद्रमा की वर्तमान स्थिति से गणना — निरयण (लाहिरी अयनांश) पद्धति।

नक्षत्र परिचय

सत्ताईस नक्षत्रों का स्वामी, देवता एवं स्वरूप

1

अश्विनी

स्वामी: केतु

देवता:
अश्विनी कुमार
प्रतीक:
अश्व-मस्तक
राशि क्षेत्र:
मेष – वृषभ – मिथुन – कर्क

चार पाद (नवांश राशि)

1मेष2वृषभ3मिथुन4कर्क

सामान्य गुण

तीव्र, ऊर्जावान एवं नवीन आरंभ हेतु शुभ नक्षत्र।

2

भरणी

स्वामी: शुक्र

देवता:
यम
प्रतीक:
योनि
राशि क्षेत्र:
सिंह – कन्या – तुला – वृश्चिक

चार पाद (नवांश राशि)

1सिंह2कन्या3तुला4वृश्चिक

सामान्य गुण

संकल्प एवं परिवर्तन का प्रतीक, दृढ़ इच्छाशक्ति।

3

कृत्तिका

स्वामी: सूर्य

देवता:
अग्नि
प्रतीक:
छुरा
राशि क्षेत्र:
धनु – मकर – कुम्भ – मीन

चार पाद (नवांश राशि)

1धनु2मकर3कुम्भ4मीन

सामान्य गुण

तेजस्वी एवं शुद्धिकारक ऊर्जा का नक्षत्र।

4

रोहिणी

स्वामी: चंद्र

देवता:
ब्रह्मा
प्रतीक:
रथ
राशि क्षेत्र:
मेष – वृषभ – मिथुन – कर्क

चार पाद (नवांश राशि)

1मेष2वृषभ3मिथुन4कर्क

सामान्य गुण

समृद्धि, सौंदर्य एवं वृद्धि का शुभ नक्षत्र।

5

मृगशिरा

स्वामी: मंगल

देवता:
सोम
प्रतीक:
मृग-मुख
राशि क्षेत्र:
सिंह – कन्या – तुला – वृश्चिक

चार पाद (नवांश राशि)

1सिंह2कन्या3तुला4वृश्चिक

सामान्य गुण

अन्वेषण एवं कोमलता का प्रतीक।

6

आर्द्रा

स्वामी: राहु

देवता:
रुद्र
प्रतीक:
अश्रु-बिन्दु
राशि क्षेत्र:
धनु – मकर – कुम्भ – मीन

चार पाद (नवांश राशि)

1धनु2मकर3कुम्भ4मीन

सामान्य गुण

परिवर्तन एवं मंथन की ऊर्जा।

7

पुनर्वसु

स्वामी: गुरु

देवता:
अदिति
प्रतीक:
तूणीर
राशि क्षेत्र:
मेष – वृषभ – मिथुन – कर्क

चार पाद (नवांश राशि)

1मेष2वृषभ3मिथुन4कर्क

सामान्य गुण

पुनरारंभ एवं आशा का शुभ नक्षत्र।

8

पुष्य

स्वामी: शनि

देवता:
बृहस्पति
प्रतीक:
गौ-स्तन
राशि क्षेत्र:
सिंह – कन्या – तुला – वृश्चिक

चार पाद (नवांश राशि)

1सिंह2कन्या3तुला4वृश्चिक

सामान्य गुण

सर्वाधिक शुभ, पोषण एवं मंगलकारी नक्षत्र।

9

आश्लेषा

स्वामी: बुध

देवता:
सर्प
प्रतीक:
सर्प
राशि क्षेत्र:
धनु – मकर – कुम्भ – मीन

चार पाद (नवांश राशि)

1धनु2मकर3कुम्भ4मीन

सामान्य गुण

गहन, रहस्यमय एवं मंत्र-साधना योग्य।

10

मघा

स्वामी: केतु

देवता:
पितृ
प्रतीक:
सिंहासन
राशि क्षेत्र:
मेष – वृषभ – मिथुन – कर्क

चार पाद (नवांश राशि)

1मेष2वृषभ3मिथुन4कर्क

सामान्य गुण

राजसी, पितृ-वंदन एवं गौरव का नक्षत्र।

11

पूर्वा फाल्गुनी

स्वामी: शुक्र

देवता:
भग
प्रतीक:
झूला
राशि क्षेत्र:
सिंह – कन्या – तुला – वृश्चिक

चार पाद (नवांश राशि)

1सिंह2कन्या3तुला4वृश्चिक

सामान्य गुण

आनंद, विश्राम एवं सृजन का नक्षत्र।

12

उत्तरा फाल्गुनी

स्वामी: सूर्य

देवता:
अर्यमा
प्रतीक:
शय्या
राशि क्षेत्र:
धनु – मकर – कुम्भ – मीन

चार पाद (नवांश राशि)

1धनु2मकर3कुम्भ4मीन

सामान्य गुण

सहयोग, विवाह एवं स्थायित्व हेतु शुभ।

13

हस्त

स्वामी: चंद्र

देवता:
सविता
प्रतीक:
हस्त
राशि क्षेत्र:
मेष – वृषभ – मिथुन – कर्क

चार पाद (नवांश राशि)

1मेष2वृषभ3मिथुन4कर्क

सामान्य गुण

कौशल, शिल्प एवं सिद्धि का नक्षत्र।

14

चित्रा

स्वामी: मंगल

देवता:
त्वष्टा
प्रतीक:
मणि
राशि क्षेत्र:
सिंह – कन्या – तुला – वृश्चिक

चार पाद (नवांश राशि)

1सिंह2कन्या3तुला4वृश्चिक

सामान्य गुण

कला, सौंदर्य एवं रचनात्मकता का नक्षत्र।

15

स्वाति

स्वामी: राहु

देवता:
वायु
प्रतीक:
अंकुर
राशि क्षेत्र:
धनु – मकर – कुम्भ – मीन

चार पाद (नवांश राशि)

1धनु2मकर3कुम्भ4मीन

सामान्य गुण

स्वतंत्रता, व्यापार एवं गति का नक्षत्र।

16

विशाखा

स्वामी: गुरु

देवता:
इन्द्राग्नि
प्रतीक:
तोरण
राशि क्षेत्र:
मेष – वृषभ – मिथुन – कर्क

चार पाद (नवांश राशि)

1मेष2वृषभ3मिथुन4कर्क

सामान्य गुण

लक्ष्य, संकल्प एवं विजय का नक्षत्र।

17

अनुराधा

स्वामी: शनि

देवता:
मित्र
प्रतीक:
कमल
राशि क्षेत्र:
सिंह – कन्या – तुला – वृश्चिक

चार पाद (नवांश राशि)

1सिंह2कन्या3तुला4वृश्चिक

सामान्य गुण

मित्रता, भक्ति एवं सामंजस्य का नक्षत्र।

18

ज्येष्ठा

स्वामी: बुध

देवता:
इन्द्र
प्रतीक:
कुण्डल
राशि क्षेत्र:
धनु – मकर – कुम्भ – मीन

चार पाद (नवांश राशि)

1धनु2मकर3कुम्भ4मीन

सामान्य गुण

वरिष्ठता, संरक्षण एवं शक्ति का नक्षत्र।

19

मूल

स्वामी: केतु

देवता:
निऋति
प्रतीक:
मूल-गुच्छ
राशि क्षेत्र:
मेष – वृषभ – मिथुन – कर्क

चार पाद (नवांश राशि)

1मेष2वृषभ3मिथुन4कर्क

सामान्य गुण

मूल तत्व, अन्वेषण एवं आध्यात्म का नक्षत्र।

20

पूर्वाषाढ़ा

स्वामी: शुक्र

देवता:
आपः
प्रतीक:
पंखा
राशि क्षेत्र:
सिंह – कन्या – तुला – वृश्चिक

चार पाद (नवांश राशि)

1सिंह2कन्या3तुला4वृश्चिक

सामान्य गुण

अजेय ऊर्जा एवं आत्मविश्वास का नक्षत्र।

21

उत्तराषाढ़ा

स्वामी: सूर्य

देवता:
विश्वेदेव
प्रतीक:
गज-दंत
राशि क्षेत्र:
धनु – मकर – कुम्भ – मीन

चार पाद (नवांश राशि)

1धनु2मकर3कुम्भ4मीन

सामान्य गुण

स्थायी विजय एवं धर्म का नक्षत्र।

22

श्रवण

स्वामी: चंद्र

देवता:
विष्णु
प्रतीक:
तीन पद
राशि क्षेत्र:
मेष – वृषभ – मिथुन – कर्क

चार पाद (नवांश राशि)

1मेष2वृषभ3मिथुन4कर्क

सामान्य गुण

श्रवण, विद्या एवं ज्ञान का शुभ नक्षत्र।

23

धनिष्ठा

स्वामी: मंगल

देवता:
वसु
प्रतीक:
मृदंग
राशि क्षेत्र:
सिंह – कन्या – तुला – वृश्चिक

चार पाद (नवांश राशि)

1सिंह2कन्या3तुला4वृश्चिक

सामान्य गुण

संगीत, समृद्धि एवं ख्याति का नक्षत्र।

24

शतभिषा

स्वामी: राहु

देवता:
वरुण
प्रतीक:
वृत्त
राशि क्षेत्र:
धनु – मकर – कुम्भ – मीन

चार पाद (नवांश राशि)

1धनु2मकर3कुम्भ4मीन

सामान्य गुण

चिकित्सा, रहस्य एवं उपचार का नक्षत्र।

25

पूर्वा भाद्रपद

स्वामी: गुरु

देवता:
अजैकपाद
प्रतीक:
द्विमुख
राशि क्षेत्र:
मेष – वृषभ – मिथुन – कर्क

चार पाद (नवांश राशि)

1मेष2वृषभ3मिथुन4कर्क

सामान्य गुण

तप, वैराग्य एवं गहन चिंतन का नक्षत्र।

26

उत्तरा भाद्रपद

स्वामी: शनि

देवता:
अहिर्बुध्न्य
प्रतीक:
जल-सर्प
राशि क्षेत्र:
सिंह – कन्या – तुला – वृश्चिक

चार पाद (नवांश राशि)

1सिंह2कन्या3तुला4वृश्चिक

सामान्य गुण

गहराई, धैर्य एवं शांति का नक्षत्र।

27

रेवती

स्वामी: बुध

देवता:
पूषा
प्रतीक:
मत्स्य
राशि क्षेत्र:
धनु – मकर – कुम्भ – मीन

चार पाद (नवांश राशि)

1धनु2मकर3कुम्भ4मीन

सामान्य गुण

पूर्णता, पोषण एवं यात्रा हेतु शुभ नक्षत्र।